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परमाणु हथियारों पर खर्च में शीर्ष पर रहा अमेरिका, जानिए भारत और अन्य देशों की स्थिति
अमेरिका ने साल 2025 में परमाणु हथियारों पर सबसे ज्यादा बजट खर्च किया है

परमाणु हथियारों पर खर्च में शीर्ष पर रहा अमेरिका, जानिए भारत और अन्य देशों की स्थिति

Jun 09, 2026
05:18 pm

क्या है खबर?

परमाणु हथियार के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय अभियान (ICAN) चलाए जाने के बाद भी परमाणु संपन्न देशों ने पिछले साल इन घातक हथियारों के विकास पर जमकर पैसा खर्च किया है। ICAN की नवीनतम रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, परमाणु हथियार संपन्न देशों ने पिछले साल परमाणु हथियारों पर अपना खर्च बढ़ाकर 119 अरब डॉलर (लगभग 11.34 लाख करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है।

योजना

परमाणु संपन्न देशों ने खर्च को और अधिक बढ़ाने की बनाई योजना

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि परमाणु संपन्न देशों ने आने वाले दशकों में परमाणु हथियारों में अपने निवेश को और बढ़ाने की योजना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 9 परमाणु हथियार संपन्न देशों ने पिछले वर्ष अपने शस्त्रागार पर संयुक्त रूप से लगभग 17 अरब डॉलर (लगभग 1.62 लाख करोड़ रुपये) का खर्च बढ़ाया, जिसमें अमेरिका, चीन, ब्रिटेन और रूस सबसे आगे रहे हैं। यह परमाणु उन्मूलन के प्रयासों को बड़ा झटका है।

खर्च

परमाणु हथियारों के भंडारण अमेरिका और चीन ने किया सर्वाधिक खर्च

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 2025 में परमाणु हथियारों पर 69.2 अरब डॉलर (लगभग 6.61 लाख करोड़ रुपये) खर्च किए, जो अन्य सभी देशों द्वारा संयुक्त रूप से खर्च की गई राशि से अधिक है। यह पिछले वर्ष अमेरिका द्वारा खर्च की गई राशि से 12.4 अरब डॉलर (लगभग 1.18 लाख करोड़ रुपये) की वृद्धि है। इस मामले में चीन दूसरे स्थान पर रहा, जिसने पिछले वर्ष 13.5 अरब डॉलर (लगभग 1.29 लाख करोड़ रुपये) खर्च किए हैं।

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अन्य

भारत समेत अन्य देशों ने कितना किया खर्च?

रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे स्थान पर मौजूद ब्रिटेन ने 12.6 अरब डॉलर (लगभग 1.20 लाख करोड़ रुपये) और रूस 9.5 अरब डॉलर (लगभग 90,820 करोड़ करोड़ रुपये) के साथ चौथे स्थान पर रहा है। इसी तरह फ्रांस ने 7.7 अरब डॉलर (लगभग 73,619 करोड़ करोड़ रुपये), भारत ने 2.8 अरब डॉलर (लगभग 26,770 करोड़ करोड़ रुपये) और पाकिस्तान ने 1.5 अरब डॉलर (लगभग 14,341 करोड़ करोड़ रुपये) खर्च किए हैं।

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जानकारी

इजरायल और उत्तर कोरिया की क्या रही स्थिति?

इजराइल ने परमाणु हथियारों के भंडारण पर पिछले साल 1.2 अरब डॉलर (लगभग 11,438 करोड़ रुपये) और उत्तर कोरिया ने अनुमानित 65.60 करोड़ डॉलर (लगभग 6,228 करोड़ रुपये) खर्च किए हैं। ये दोनों अंतिम 2 पायदान पर रहे हैं।

इजाफा

किस देश ने कितना किया इजाफा?

परिमाणु हथियारों के भंडारण पर फ्रांस ने 2024 की तुलना में 8 प्रतिशत, भारत ने 12 प्रतिशत, पाकिस्तान ने 18 प्रतिशत, इजराइल ने 2 प्रतिशत और उत्तर कोरिया ने 4 प्रतिशत बजट अधिक खर्च किया है। ICAN ने पाया कि पिछले पांच वर्षों में इन परमाणु संपन्न इन सभी 9 देशों ने अपने परमाणु शस्त्रागार पर 470 अरब डॉलर (44.78 लाख करोड़ रुपये) से अधिक खर्च किए हैं। इससे साफ है कि सभी देश तेजी से खतरा बढ़ा रहे हैं।

संख्या

परमाणु हथियारों के मामले में रूस अब भी शीर्ष पर

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और रूस अब भी दुनिया में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार रखते हैं। रूस के पास 2025 में 5,459 परमाणु हथियार थे, जो 2026 में 5,420 रह गए। अमेरिका के पास 2025 में 5,177 हथियार थे जबकि 2026 में इनकी संख्या 5,042 हैं। चीन के इनकी संख्या 600 से बढ़कर 620 और ब्रिटेन के पास 620 परमाणु हथियार हो गये हैं।

कामयाबी

भारत के पास परमाणु युद्धक हथियारों की संख्या हुई 190

SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 तक भारत के पास परमाणु युद्धक हथियारों की संख्या 190 पर पहुंच गई थी, जबकि पाकिस्तान के पास इन हथियारों की संख्या अभी भी 170 है। साल 2025 के दौरान वैश्विक सैन्य व्यय, हथियार हस्तांतरण, परमाणु बलों और प्रमुख सुरक्षा घटनाक्रमों को कवर करने वाली इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वर्तमान में भारत के पास पाकिस्तान की तुलना में 20 परमाणु हथियार अधिक हैं और इनकी संख्या बढ़ सकती है।

चेतावनी

ICAN ने जारी की चेतावनियां

शोधकर्ताओं ने कहा कि भारी मात्रा में खर्च की जा रही राशि बेहद चिंताजनक है जब वैश्विक मानवीय सहायता प्रणाली भारी कटौती के कारण बुरी तरह प्रभावित है। रिपोर्ट की सह लेखिका सुसी स्नाइडर कहा, "इन देशों द्वारा पिछले साल परमाणु हथियारों पर खर्च की गई राशि से संयुक्त राष्ट्र (UN) के 32 वर्षों के परिचालन बजट का भुगतान किया जा सकता था। इसी तरह एक दिन खर्च में 20 लाख लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा सकती थी।"

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