
अजमेर शरीफ के दरगाह प्रमुख ने वक्फ संशोधन विधेयक की सराहना की, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
राजस्थान में अजमेर शरीफ के दरगाह प्रमुख हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने संसद में पेश वक्फ संशोधन विधेयक की सराहना करते हुए इसका समर्थन किया है।
उन्होंने द हिंदू में लिखे एक लेख में इसे एक "महत्वपूर्ण सुधार" बताया और मौजूदा वक्फ बोर्ड में "पारदर्शिता की कमी" पर भी चिंता जताई।
उन्होंने विधेयक के कई लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विधेयक का उद्देश्य "वक्फ को परेशान करने वाले कुछ लंबे समय से लंबित मुद्दों" को संबोधित करना है।
बयान
अजमेर शरीफ ने विधेयक को लेकर क्या कहा?
चिश्ती ने लेख में कहा है कि वक्फ में स्कूलों, अस्पतालों, पुस्तकालयों और अन्य धर्मार्थ संस्थानों में निर्माण और रखरखाव के जरिए मुस्लिम समुदाय की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को बदलने की क्षमता है, लेकिन इसे कुप्रबंधन और पारदर्शिता की कमी के कारण बाधा उठानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि वक्फ का उद्देश्य मुस्लिमों को मजबूत करना और उनका सामाजिक-आर्थिक उत्थान करना है, लेकिन समुदाय शिक्षा, स्वास्थ्य और तमाम मुद्दों से जुझ रहा है।
चिंता
मुसलमानों के सामने चुनौतियों का आईना- चिश्ती
चिश्ती ने लिखा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का उद्देश्य वक्फ के सामने खड़ी दिक्कतों का समाधान करना है।
उन्होंने कहा कि वे मुतवल्लियों (संरक्षक) द्वारा वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग, शून्य विश्वसनीयता वाले सदस्यों और अक्षमताओं के बारे में समुदाय के अंदर बड़ी आम सहमति को स्वीकार करते हैं, जिसने वक्फ को इन परिसंपत्तियों के मूल्य को अधिकतम करने से रोका है।
उन्होंने कहा कि वक्फ की वर्तमान स्थिति देश में मुसलमानों के सामने मौजूद व्यापक चुनौतियों का आईना है।
समझ
मुसलमानों को अपनी समझ बढ़ानी होगी- चिश्ती
उन्होंने लिखा कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी की वजह से अकुशलता और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने कुछ रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आज वक्फ संपत्तियों से 20,000 करोड़ रुपये तक की संभावित सालाना आय हो सकती है, लेकिन वास्तविक आय केवल 200 करोड़ रुपये ही है।
उन्होंने कहा कि यही वह जगह है जहां हमें, भारतीय मुसलमानों के रूप में कल्याण की अपनी समझ को व्यापक बनाना होगा।
तारीफ
किरेन रिजिजू ने दी प्रतिक्रिया
अजमेर शरीफ के दरगाह प्रमुख के लेख पर अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने लेख को एक्स पर साझा कर लिखा, 'सुधार को अपनाकर और जवाबदेही की मांग करके हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वक्फ मुस्लिम समुदाय को लाभ पहुंचाने और व्यापक समाज में योगदान देने के अपने इच्छित उद्देश्य को पूरा करे। हाजी सैयद सलमान चिश्ती, गद्दी नशीन, दरगाह अजमेर शरीफ, अध्यक्ष, चिश्ती फाउंडेशन द्वारा लिखा गया ज्ञानवर्धक लेख पढ़ें।'