अजित पवार के विमान हादसे का खुलासा अब नहीं होगा? ब्लैक बॉक्स आग में खाक
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे के कारणों का खुलासा अब मुश्किल हो सकता है क्योंकि विमान के दोनों फ्लाइट रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) आग में जलकर खाक हो गए हैं। यह जानकारी हादसे की जांच कर रही विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने दी है। दोनों रिकॉर्डर में से एक का डाटा डाउनलोड किया गया है, जबकि दूसरे की तकनीकी जांच चल रही है। मामले में ब्लैक बॉक्स बनाने वाली अमेरिकी कंपनियों से संपर्क किया गया है।
जांच
AAIB ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया
मीडिया रिपोर्ट्स में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के हवाले से बताया गया है कि L3-कम्युनिकेशन द्वारा निर्मित डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) को AAIB फ्लाइट रिकॉर्डर प्रयोगशाला में डाउनलोड किया गया है। हनीवेल द्वारा निर्मित कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की अभी जांच चल रही है। डेटा प्राप्त करने के लिए अमेरिकी कंपनियों से मदद ली जा रही है। AAIB ने कहा कि वह व्यापक, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच के लिए सभी निर्धारित तकनीकी और प्रक्रियात्मक प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है।
जानकारी
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
दैनिक भास्कर ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा कि ब्लैक बॉक्स 1100 डिग्री में एक घंटे और 260 डिग्री तापमान में 10 घंटे तक झेल सकता है। विमान में आग सीमित थी। ऐसे में विशेषज्ञ बॉक्स के पूरी तरह जलने को असंभव बता रहे।
मांग
अजित पवार की पत्नी ने CBI जांच की मांग की
जांच के बीच अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंगलवार को अपनी पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने विमान हादसे की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। मौके पर सुनेत्रा के बड़े बेटे पार्थ पवार, पार्टी नेता सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, हसन मुश्रीफ मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने मामले में गृह मंत्रालय से बात करने का आश्वास दिया है।
हादसा
क्या होता है ब्लैक बॉक्स?
ब्लैक बॉक्स नारंगी रंगे के 2 डिवाइस DFDR और CVR होते हैं। यह स्टेनलेस स्टील या टाइटेनियम के होते हैं। यह विमान के सबसे पीछे पूंछ में होता है। FDR में विमान की गति, ऊंचाई, दिशा जैसे तकनीकी डेटा, जबकि CVR में पायलट और चालक दल के सदस्यों की बातचीत और कॉकपिट की आवाज रिकॉर्ड होती है। FDR आखिरी 25 घंटे और CVR अंतिम 2 घंटे का डाटा सुरक्षित रखता है। इससे विमान हादसे के कारणों का पता चलता है।
जानकारी
28 जनवरी को हुआ था हादसा
पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को विमान हादसे में अजित पवार की मौत हो गई थी। अजित समेत 5 लोग विमान में सवार थे। वे जिला पंचायत चुनाव के सिलसिले में बारामती गए थे। विमान रनवे पर उतरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।