दिल्ली में बिगड़ती हवा, GRAP-1 लागू होते ही क्या-क्या पाबंदियां लगी?
दिल्ली की वायु गुणवत्ता अब 'खराब' श्रेणी में आ गई है, जहां AQI 244 दर्ज किया गया है। इसके चलते, शहर में इस सीजन में पहली बार ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है।
इस कदम का मकसद मौसमी प्रदूषण को बढ़ने से पहले ही रोकना और सभी के लिए हवा को सांस लेने लायक बनाए रखना है।
दिल्ली में 10+ डीजल और 15+ पेट्रोल गाड़ियों पर रोक
अब 10 साल से ज़्यादा पुराने डीजल वाहन और 15 साल से ज़्यादा पुराने पेट्रोल वाहन सड़कों पर नहीं चल पाएंगे।
होटल-ढाबों और कमर्शियल किचन में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कंस्ट्रक्शन साइट्स पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव अनिवार्य कर दिया गया है और कचरा जलाने पर सख्त पाबंदी रहेगी।
इसके अलावा, बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान के नियम भी अब और सख्त हो गए हैं, जिस पर सभी संबंधित पक्षों को गंभीरता से काम करना होगा।
दिल्ली-NCR में GRAP को लागू करेंगे अधिकारी
दिल्ली-NCR में इन नए नियमों को सख्ती से लागू करने का जिम्मा जिला अधिकारियों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और स्थानीय निकायों का होगा। ग्रेप (GRAP) के पहले चरण के तहत, जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निकाय मिलकर कई कड़े कदम उठाएंगे, ताकि इन नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा सके।