देशभर में वायु प्रदूषण का रिकॉर्ड तोड़ कहर, दिल्ली में लागू हुए कड़े नियम
पूरे भारत में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। इस मामले में, बीकानेर 1,357 के AQI के साथ सबसे ऊपर रहा, वहीं राजधानी नई दिल्ली 630 के चिंताजनक AQI के साथ 10वें स्थान पर आ गई।
पराली जलाने, गाड़ियों से निकलने वाले धुएँ और मौसम की खराब स्थिति ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। इस वजह से कई शहर आपातकाल जैसी स्थिति में पहुँच गए हैं।
दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए दूसरे चरण के उपाय शुरू
इस प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी प्रदूषण विरोधी योजना के दूसरे चरण को लागू कर दिया है। इन उपायों के तहत सड़कों की ज़्यादा सफाई और धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा। लोगों को निजी वाहन चलाने से रोकने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाए गए हैं, साथ ही सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो के ज़्यादा फेरे लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से भी कहा गया है कि वे ठंड का मौसम शुरू होने से पहले सुरक्षा गार्ड, सफाईकर्मी और बागवानी कर्मचारियों जैसे अन्य स्टाफ को बिजली के हीटर और बिजली कनेक्शन दें।
इसका मकसद यह है कि ये लोग ठंड से बचने के लिए बायोमास या नगर निगम के कचरे को न जलाएँ। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बीकानेर, बठिंडा, करनाल, गाजियाबाद, सोनीपत, मेरठ, पानीपत, हापुड़, कैथल और नई दिल्ली जैसे कई दूसरे शहर भी इस समय गंभीर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। ऐसे में, सभी को मिलकर इस चुनौती से निपटने की ज़रूरत है।