एयर इंडिया को भारी पड़ी मनमानी, 9 साल बाद यात्री को देना पड़ेगा 1.36 लाख रुपये का मुआवजा
करीब एक दशक तक चली कानूनी लड़ाई के बाद केरल के कपिलदेव को आखिरकार एयर इंडिया से न्याय मिल ही गया। उन्हें 1.36 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। उनकी यह परेशानी साल 2017 में शुरू हुई थी। तब एक उड़ान लेट हो गई थी, जिसकी वजह से उन्हें मुंबई में रात भर रुकना पड़ा। इसी कारण उनका सऊदी अरब के लिए अगला कनेक्शन छूट गया। ऐसे में उन्हें तुरंत दूसरी टिकट लेनी पड़ी, जिस पर करीब 49,000 रुपये खर्च हुए।
उपभोक्ता अदालत ने दिया मुआवजे का आदेश
उपभोक्ता अदालत ने साफ कहा कि एयर इंडिया ने कपिलदेव की मदद के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। इसलिए अदालत ने एयर इंडिया को यह राशि चुकाने का आदेश दिया। कोर्ट ने उनके अतिरिक्त खर्चों के लिए 83,000, मानसिक तनाव के लिए 50,000 और कानूनी खर्चों के लिए 3,000 रुपये देने का आदेश दिया है। एयर इंडिया ने दलील दी थी कि उन्होंने देरी के दौरान मदद की पेशकश की थी, लेकिन आयोग ने उनकी बात नहीं मानी। इस तरह कपिलदेव का मुआवजे के लिए 9 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया।