AIIMS दिल्ली का ऐतिहासिक कारनामा: 20 साल बाद अग्नाशय-किडनी ट्रांसप्लांट से 30 वर्षीय को मिली नई जिंदगी
AIIMS दिल्ली ने लगभग 2 दशकों बाद पहली बार एक साथ पैंक्रियाज और किडनी का ट्रांसप्लांट (SPK ट्रांसप्लांट) सफलतापूर्वक किया है। 14 अप्रैल 2026 को हुई इस सर्जरी से हरियाणा के एक 30 साल के शख्स को नई जिंदगी मिली है, जो गंभीर डायबिटीज और किडनी फेल्योर से जूझ रहा था।
किडनी बेहतर काम कर रही
SPK ट्रांसप्लांट उन मरीजों के लिए खास मायने रखता है जिनकी डायबिटीज काफी गंभीर हो चुकी होती है। इस प्रक्रिया से उन्हें बार-बार इंसुलिन के इंजेक्शन और डायलिसिस से राहत मिल सकती है।
ऑपरेशन के बाद मरीज के खून में शुगर लगभग सामान्य है और उनकी किडनी भी बेहतर ढंग से काम कर रही हैं, उन्हें अब इंसुलिन की नाम मात्र की जरूरत पड़ रही है।
AIIMS में अब तक तीसरा SPK ट्रांसप्लांट
ये अंग हरियाणा के एक ब्रेन-डेड डोनर से लाए गए थे। करीब ढाई घंटे चली इस जटिल सर्जरी को प्रोफेसर वी के बंसल और प्रोफेसर असुरी कृष्णा की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
बता दें कि AIIMS में यह अब तक का केवल तीसरा SPK ट्रांसप्लांट है। भारत में पहला SPK ट्रांसप्लांट साल 2004 में हुआ था।