बिहार TRE-4 में छात्रों की जीत, अब सिर्फ एक परीक्षा, 'एक परिणाम' से तय होगा भविष्य
शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। 10 दिन तक चली भूख हड़ताल के बाद राज्य सरकार ने शिक्षक उम्मीदवारों की मुख्य मांगों को मान लिया है।
अब शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) सिर्फ एक ही चरण में होगी। इसके लिए अलग से प्रारंभिक (प्रीलिम्स) और मुख्य (मेन्स) परीक्षाएं नहीं होंगी। इसके साथ ही, 'एक उम्मीदवार, एक परिणाम' का नया नियम भी लागू होगा, जिससे सभी उम्मीदवारों को यह प्रक्रिया काफी निष्पक्ष लगेगी। शिक्षा अधिकारियों से मुलाकात के बाद अमन यादव और जाह्नवी कुमारी ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है।
पटना हाई कोर्ट के जज की अध्यक्षता में बनी समिति
भर्ती प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए, बिहार सरकार ने एक समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता पटना हाई कोर्ट के एक जज करेंगे। यह समिति परीक्षाओं की प्रक्रिया की समीक्षा करेगी और उम्मीदवारों की शिकायतों पर भी गौर करेगी।
इसके अलावा, एक नया छात्र सहायता पोर्टल भी शुरू किया गया है। जमीनी स्तर पर कैंप भी लगाए जाएंगे, जहां 30 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान करने का वादा किया गया है।
राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं के कैलेंडर भी जारी कर रही है और दूसरी बड़ी परीक्षाओं की भी समीक्षा कर रही है। इन सब का मकसद उम्मीदवारों के लिए पूरी प्रक्रिया को और ज्यादा स्पष्ट और तनाव-मुक्त बनाना है।