दिल्ली की हवा में जहर, लेकिन प्रदूषण फंड के 1,153 करोड़ रुपये धूल फांक रहे
दिल्ली ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) से वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए करीब 1,935.44 करोड़ रुपये जमा किए थे। लेकिन, 16 सितंबर, 2026 तक इस रकम का लगभग 60 फीसदी हिस्सा, यानी 1,153.93 करोड़ रुपये, अभी तक खर्च ही नहीं हुआ है।
दिल्ली में सर्दियों के दिनों में प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है, इसके बावजूद इस पैसे का ज्यादातर हिस्सा इस्तेमाल नहीं हो पाया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को पहले ही साफ-साफ कहा था कि इस फंड का उपयोग प्रदूषण रोकने के लिए ऐसे उपायों में किया जाए जो लंबे समय तक काम करें और CAQM की अंतरिम सिफारिशों पर भी ध्यान दिया जाए।
ECC फंड ज्यादातर परिवहन प्रोजेक्ट्स में खर्च हुआ
अभी तक ECC के जिस पैसे का इस्तेमाल किया गया है, उसका ज़्यादातर हिस्सा बड़े-बड़े परिवहन प्रोजेक्ट्स में लगा है। इनमें दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और गैर-मोटर चालित वाहनों के लिए बेहतर लेन बनाना जैसे काम शामिल हैं। लेकिन, जब इतनी बड़ी रकम अभी भी बिना खर्च के पड़ी है, तो लोग यह सोच रहे हैं कि क्या प्रदूषण रोकने के लिए वाकई पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं?
वहीं, दिल्ली सरकार इस सर्दी में प्रदूषण कम करने के लिए कई नए उपाय कर रही है। इनमें प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को रोकना और कंस्ट्रक्शन से जुड़े नियमों को और कड़ा करना शामिल है। इन कदमों से सरकार का लक्ष्य है कि जब हवा की क्वालिटी सबसे खराब होती है, तब PM2.5 के स्तर को काबू में रखा जा सके।