सौरभ चंद्राकर के बाद अब रवि उप्पल की बारी, 6,000 करोड़ रुपये के महादेव ऐप मनी लॉन्ड्रिंग पर शिकंजा
सौरभ चंद्राकर को सफलतापूर्वक भारत लाए जाने के बाद भारतीय एजेंसियां अब महादेव बेटिंग ऐप के एक और बड़े सूत्रधार रवि उप्पल पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उप्पल ने जांच एजेंसियों से बचने के लिए वानुअतु जाकर वहां की नागरिकता तक ले ली थी। इंटरपोल के रेड नोटिस से अपना नाम हटवाने की उसकी कोशिश भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मेहनत के चलते सफल नहीं हो पाई।
CBI उप्पल पर 6,000 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की कर रही जांच
उप्पल को महादेव ऐप के जरिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में तलाश किया जा रहा है। पिछले साल उसके गायब होने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और उसे मुख्य आरोपी माना है। इस बीच, चंद्राकर को भारत लाया जा चुका है और वह जल्द ही अदालत का सामना करेगा। इस बड़े अवैध सट्टेबाजी रैकेट की जांच अभी भी जारी है, जिसमें लगभग 6,000 करोड़ रुपये के लेन-देन का अनुमान है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ED को उप्पल का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।