मेटा पर बाल यौन शोषण विज्ञापनों का साया, 57 प्रतिशत को दी थी मंजूरी; खुलासे के बाद NCPCR ने किया तलब
भारत के राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने मेटा को समन भेजा है। यह वही कंपनी है जो इंस्टाग्राम और फेसबुक चलाती है। यह समन इसलिए भेजा गया है क्योंकि BBC की एक पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसे विज्ञापन चल रहे थे, जो लोगों को बाल यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री तक ले जा रहे थे।
मेटा ने बताया है कि उसने इनमें से कुछ विज्ञापनों को तो हटा दिया है, लेकिन कंपनी ने यह भी माना कि इस तरह की सारी चीजों को पूरी तरह से रोकना आसान नहीं है। भारत का सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी इस मामले में मेटा से जवाब मांग रहा है।
रिपोर्ट में खुलासा: मेटा ने 57 प्रतिशत विज्ञापनों को दी मंजूरी
हाल ही में 'टेक ट्रांसपेरेंसी प्रोजेक्ट' की एक रिपोर्ट सामने आई थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा के दोनों प्लेटफॉर्म पर सैकड़ों ऐसे ही विज्ञापन मिले थे, और इनमें से कुछ विज्ञापन तो भारत में भी चल रहे थे।
रिपोर्ट में मेटा की आलोचना की गई है। इसमें कहा गया है कि मेटा इन विज्ञापनों को सिर्फ 'वयस्क यौन सामग्री' बताकर इस गंभीर समस्या को कम आंक रहा है। इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि जिन विज्ञापनों पर आपत्ति जताई गई थी, उनमें से 57 प्रतिशत को मेटा ने अपने ही मानकों के आधार पर सही ठहरा दिया था।