राम मंदिर में 'लाखों का हेरफेर': 81 लाख से ज्यादा बरामद, आरोपियों से 14 घंटे पूछताछ
अयोध्या के राम मंदिर में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। 15 जुलाई को पुलिस ने 2 मुख्य संदिग्धों से लगातार 14 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने दान के पैसों को संभालने के पूरे तरीके की बारीकी से जांच की। इसमें देखा गया कि दान के डिब्बे कैसे खोले जाते थे और नकदी को बैंक में कैसे जमा किया जाता था।
जांच में सबसे अहम सबूत एक संदिग्ध के किराए के मकान से मिले कागजात और CCTV फुटेज हैं। इन फुटेज से पता चलता है कि 24 अप्रैल से 10 जून के बीच कुछ संदिग्ध गतिविधियां हुई थीं।
अयोध्या मंदिर से पुलिस ने बरामद किए 81.19 लाख रुपये
CCTV फुटेज में साफ देखा गया कि मंदिर के कर्मचारी पैसे छिपा रहे थे। इसी से जुड़ा एक वाकया यह भी है कि 4 जून को एक बाथरूम में 2 लाख से ज्यादा की नकदी मिली। अब तक पुलिस ने कुल करीब 81.19 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। इसमें से करीब 78.94 लाख रुपये कर्मचारियों से जांच शुरू होने से पहले ही बरामद कर लिए गए थे और बाकी के 2.25 लाख रुपये बाथरूम से मिले।
इस पूरे मामले ने मंदिर की सुरक्षा और पैसों के लेन-देन में बड़ी कमियों को उजागर किया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी आखिरी रिपोर्ट 17 जुलाई तक सौंपने की तैयारी में है। टीम यह भी जांच कर रही है कि कहीं चोरी हुए पैसों का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने या किसी और निवेश में तो नहीं किया गया।