पंजाब: नशे पर मंत्री से सवाल, फिर आत्महत्या; सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
पंजाब के संगरूर के 50 साल के गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री से राज्य में नशे के बढ़ते संकट को लेकर सबके सामने सवाल किए थे। इसके कुछ समय बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।
मरने से पहले सिंह ने एक बयान जारी करते हुए कहा था, "मेरी मौत के लिए वित्त मंत्री चीमा भी जिम्मेदार हैं। सरपंच भी मेरी मौत के जिम्मेदार हैं। मैंने चीमा से नशे की समस्या पर सवाल किया था। मेरा बेटा भी नशे का आदी है। इसी नशे की वजह से मेरा घर बिक गया। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा है और आखिरकार मैंने जहर पी लिया है। पंजाब में नशे की समस्या कहीं भी हल नहीं हुई है।"
गुलजार सिंह के परिवार की दुर्दशा, पंजाब में आक्रोश
सिंह का परिवार लंबे समय से नशे की लत से जूझ रहा है। उनका बेटा नशे का आदी है, जिसकी वजह से परिवार को अपना घर तक बेचना पड़ा।
उनकी मौत के बाद पूरे पंजाब में भारी आक्रोश भड़क उठा है। विपक्षी दल मामले की निष्पक्ष जाँच और वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के बाद से नशे से जुड़े मामलों में तेज उछाल आया है। 2024 में जहां 9,577 लोग इलाज के लिए भर्ती हुए, वहीं 2025 में यह संख्या 25,290 हो गई। 2026 में भी यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सरकार के इस समस्या को संभालने के तरीके पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।