MPSC पेपर लीक मामला: अध्यक्ष पर गिरी गाज, 5 सदस्यीय समिति गठित
पुणे में परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने 11 दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया है।
पेपर लीक होने के आरोपों के चलते छात्र उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। छात्रों ने फिलहाल अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया है।
5 सदस्यीय समिति गठित
NCP (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार की अगुवाई में, छात्रों ने एसएम जोशी ब्रिज पर इकट्ठा होकर भीमनवार के इस्तीफे की मांग की।
अब महाराष्ट्र सरकार ने MPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और अभ्यर्थियों की शिकायतों की पड़ताल के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति गठित की है।
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे को समिति का सचिव नियुक्त किया गया है।
समिति के अन्य सदस्यों में IPS अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व IAS अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीडी नाइक शामिल हैं।
महाराष्ट्र के मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों पर चर्चा के बाद यह घोषणा की। अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप लगाए हैं।
बता दें, MPSC ने 22 मार्च को हुई ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी। अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि कुछ उम्मीदवारों को 20 मार्च को ही प्रश्नपत्र या प्रश्न मिल गए थे, जिन्हें बाद में सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारित किया गया। आयोग को 22 से 26 जुलाई के बीच इस संबंध में शिकायतें मिली थीं।