इतिहास रच गया जंतर-मंतर, पहली बार सड़क पर हुए आंदोलन ने छीनी केंद्रीय मंत्री की कुर्सी
शनिवार रात को 36 दिन तक जंतर-मंतर पर डटे रहने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आखिरकार अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया। उनकी मुख्य मांग थी NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। यह मांग पूरी होते ही CJP ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
खास बात यह है कि NDA शासन में यह पहली बार हुआ है, जब किसी केंद्रीय मंत्री को सड़क पर हुए प्रदर्शन के कारण इस्तीफा देना पड़ा हो। खबर मिलते ही प्रदर्शनकारियों ने 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए और एक-दूसरे को गले लगाया। अपनी इस जीत पर वे साफ तौर पर भावुक नजर आ रहे थे।
NDMC और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर साफ किया
जैसे ही प्रदर्शन खत्म हुआ, NDMC की टीमें देर रात जंतर-मंतर की सफाई करने पहुंच गईं। उनके साथ रविवार सुबह कांग्रेस सेवा दल के स्वयंसेवक भी सफाई अभियान में जुट गए। हफ्तों से भीड़भाड़ और बैनरों से पटे जंतर-मंतर के आस-पास की सड़कें रविवार सुबह तक फिर से सामान्य हो चुकी थीं। CJP की इस कामयाबी को सड़क पर हुए प्रदर्शनों से मिलने वाले बड़े राजनीतिक बदलाव का एक अनोखा उदाहरण माना जा रहा है।