झारखंड में JPSC-JSSC पर छात्रों का हल्ला बोल, CBI-ED जांच की मांग
झारखंड में छात्र JPSC और JSSC की सरकारी नौकरी परीक्षाओं में कथित धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद से ही इस पर हंगामा शुरू हो गया था।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से आमरण अनशन भी शुरू कर दिया है। छात्रों की मुख्य मांगें हैं कि परीक्षा रद्द की जाए, पेपर लीक की गहन जांच हो और इस पूरी धांधली के लिए TDPL एजेंसी को जवाबदेह ठहराया जाए।
प्रदर्शनकारी कर रहे CBI-ED जांच की मांग
प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया को और ज्यादा निष्पक्ष बनाने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत बता रहे हैं। साथ ही, वे इस पूरे परीक्षा घोटाले की CBI-ED से जांच कराने की भी मांग कर रहे हैं। उन्हें अभिजित दिपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिला है।
छात्रों ने अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार मार्च निकाले हैं, धरना प्रदर्शन किए हैं और यहां तक कि अधिकारियों से भी मुलाकात की है। छात्रों का साफ कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे आना ही होगा। उनका यह आंदोलन रांची में विरोध प्रदर्शनों, मार्च, धरना और आमरण अनशन के जरिए जोर पकड़ रहा है।