महाराष्ट्र में सूखा: 265 तहसील पानी को तरसे, मुख्यमंत्री ने दिए फसल नुकसान आकलन के आदेश
इस साल मानसून में बारिश में करीब 19 प्रतिशत की कमी आई है, जिसके बाद महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकों में सूखे की घोषणा कर दी गई है। यानी राज्य के लगभग तीन-चौथाई हिस्से में अब पानी की किल्लत ने डेरा डाल लिया है।
जून से लेकर मध्य सितंबर तक बारिश आम तौर पर होने वाली मात्रा से बहुत कम रही। इससे न सिर्फ पीने के पानी को लेकर मुश्किल बढ़ गई है, बल्कि खेतों में लगी फसलें भी अब गहरे संकट से गुजर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने फसल नुकसान के आकलन का आदेश दिया
मराठवाड़ा, पुणे, नाशिक, अमरावती और नागपुर जैसे इलाकों को इस सूखे का सबसे गहरा असर महसूस हो रहा है, क्योंकि कहीं-कहीं बारिश की कमी 31 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
खेतों में हुए इस नुकसान से परेशान होकर किसानों ने अब सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। इसके जवाब में, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि नुकसान के दायरे को समझने के लिए फसलों के नुकसान का आकलन किया जाएगा और जमीनी स्तर पर जांच भी की जाएगी।