एडमिरल स्वामीनाथन बने नौसेना प्रमुख: JAI विजन से कैसे बदलेगी भारत की समुद्री शक्ति?
एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी से भारतीय नौसेना प्रमुख का पदभार संभाला है। अपने पहले संबोधन में उन्होंने कहा कि नौसेना को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हरदम तैयार रहना चाहिए, ताकि भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था सुरक्षित रहे। उन्होंने नौसेना को आगे ले जाने के लिए 'JAI' यानी मिलकर काम करना, आत्मनिर्भरता हासिल करना और देश में ही चीजों का निर्माण करना, इस सिद्धांत पर भी जोर दिया।
एडमिरल स्वामीनाथन ने नौसेना कर्मियों के करियर में तरक्की का वादा किया
एडमिरल स्वामीनाथन ने स्पष्ट किया कि नौसेना के कर्मियों का कल्याण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्होंने अधिकारियों व नाविकों के लिए करियर में प्रगति का वादा किया। इससे पहले, दिन में उन्होंने राष्ट्रीय समर स्मारक पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। INS विक्रमादित्य जैसे महत्वपूर्ण युद्धपोतों की कमान संभालने और कई बड़े पदों पर रहने का लंबा अनुभव रखने वाले एडमिरल स्वामीनाथन ने इस अवसर पर एडमिरल त्रिपाठी की समर्पित सेवाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया।