सोशल मीडिया सेंसरशिप पर हाई कोर्ट ने सरकार और मेटा को घेरा, IT अधिनियम की धारा 69A पर लटकी तलवार
सोशल मीडिया पर सरकार विरोधी पोस्ट को कथित तौर पर सेंसर करने के आरोप में भारत सरकार घिर गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस डिजिटल पाबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ इंस्टाग्राम पोस्ट हटाने से लोगों की असल समस्याएं खत्म नहीं होंगी। यह तो बस उनकी आवाजों को दबाने जैसा है। उन्होंने यह भी बताया कि ये मुद्दे सिर्फ ऑनलाइन पोस्ट तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि कहीं ज्यादा बड़े हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट कर रहा है धारा 69A की जांच
एक विरोध प्रदर्शन के बाद जब एक इंस्टाग्राम अकाउंट निलंबित कर दिया गया, तब यह पूरा मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया। अब IT अधिनियम की धारा 69A पर कानूनी तलवार लटक गई है। आलोचकों का कहना है कि युवा बेरोजगारी और शासन से जुड़ी बातचीत को ब्लॉक करने से बड़े मुद्दे सुलझ नहीं पाएंगे। कोर्ट ने इस मामले में सरकार और मेटा दोनों से जवाब मांगा है। 6 नवंबर को इस पर सुनवाई होनी है, जिससे भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।