पेपर लीक ने तोड़ा छात्रों का सब्र, लखनऊ में सैकड़ों ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
लखनऊ के इको गार्डन में शुक्रवार को करीब 1,500 प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। वे परीक्षाओं के पेपर लीक होने और अचानक रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इस विरोध प्रदर्शन में CJP के फाउंडर अभिजित दिपके और AISA की नेशनल प्रेसिडेंट नेहा भी शामिल हुईं। दिपके ने इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कई छात्रों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि इन मुद्दों के चलते उनकी सारी कड़ी मेहनत बेकार लगने लगी है।
दिपके ने शांतिपूर्ण ढंग से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अपील की
दिपके ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की और 20 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले एक बड़े प्रदर्शन के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा, "हम तब तक विरोध जारी रखेंगे जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते। मैं सिर्फ छात्रों से अपील करना चाहता हूं कि वे शांतिपूर्ण विरोध जारी रखें और 20 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले इस बड़े प्रदर्शन में शामिल हों।" कुछ अभिभावक और बुजर्ग लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने चिंता जताई कि CBSE की 12वीं जैसी अहम परीक्षाओं पर भी इसका असर पड़ रहा है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, लखनऊ में करीब 10,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान था और प्रशासन ने करीब 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों की संख्या कम रही, लेकिन उनका संदेश साफ था: छात्रों को असली बदलाव चाहिए।