NEET विवाद: शिक्षा मंत्री प्रधान पर इस्तीफे का दबाव, जंतर-मंतर पर आर-पार की लड़ाई
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजित दिपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर रात भर धरने पर बैठे रहे। उनकी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कथित NEET पेपर लीक मामले में तुरंत इस्तीफा दें। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शाम 5 बजे तक धरना खत्म करने को कहा था, लेकिन वे अपनी जगह पर डटे रहे और उन्होंने आम जनता से भी इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।
NEET परीक्षा रद्द करने और 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
अभिजित दिपके ने अपनी कई मुख्य मांगें सामने रखी हैं, जिनमें NEET परीक्षा रद्द करना सबसे अहम है। उन्होंने उन छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है, जिन्होंने कथित पेपर लीक के दबाव में आकर आत्महत्या जैसा कदम उठाया। प्रदर्शन स्थल पर पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की मांग भी दिपके ने की। इस विरोध प्रदर्शन में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उन्होंने ऐलान किया कि अगर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे 27 जून से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। अभिजित दिपके ने सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए NEET की दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों से कहा कि वे अपनी परीक्षा पूरी होने के बाद इस आंदोलन का हिस्सा बनें।