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अजित पवार की मौत के मामले में AAIB ने उजागर की बारामती हवाई अड्डे की खामियां
अजित पवार की मौत के मामले में AAIB ने उजागर की बारामती हवाई अड्डे की खामियां

अजित पवार की मौत के मामले में AAIB ने उजागर की बारामती हवाई अड्डे की खामियां

Feb 28, 2026
07:27 pm

क्या है खबर?

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत होने के मामले में एक महीने बाद अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई अहम खुलासे किए हैं। रिपोर्ट में बारामती हवाई अड्डे पर कम दृश्यता और सुरक्षा खामियों का खुलासा किया गया है। इसके साथ ही AAIB ने महत्वपूर्ण उड़ान डाटा का विश्लेषण करने के लिए अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहायता भी मांगी है। आइए जानते हैं प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया है।

रिपोर्ट

AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में क्या है?

AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, विमान दुर्घटना के समय हवा शांत थी और दृश्यता 3 किलोमीटर दर्ज की गई थी। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में रिकॉर्ड हुई आवाज के तहत दुर्घटना से कुछ क्षण पहले पायलटों को 'ओह शिट, ओह शिट' कहते हुए भी सुना गया था। हादसे में CVR को थर्मल क्षति भी हुई है। रिपोर्ट में बारामती हवाई अड्डों पर बुनियादी मौसम विज्ञान (MET) सुविधाओं की कमी की ओर भी इशारा किया गया है।

सहायता

AAIB ने की तकनीकी सहायता की मांग

AAIB ने कहा कि डिवाइस पर थर्मल प्रभाव के कारण CVR निर्माता हनीवेल से तकनीकी सहायता मांगी है। ICAO एनेक्स 13 की आवश्यकताओं के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने जांच में भाग लेने और सहायता करने के लिए तकनीकी सलाहकारों के साथ एक मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि भी नियुक्त किया है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि सॉलिड स्टेट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (SSFDR) डाटा डाउनलोड कर लिया गया है और उसका विश्लेषण किया जा रहा है।

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बयान

ऑपरेटर कर्मियों के दर्ज कर लिए गए हैं बयान

AAIB के अुनसार, ऑपरेटर कर्मियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के प्रारंभिक बयान एकत्र कर लिए गए हैं और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के साथ उनकी गहन जांच की जा रही है। अन्य हितधारकों से प्राप्त अभिलेखों और सूचनाओं की भी जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं ने घटनास्थल पर ही मलबे का निरीक्षण किया और विस्तृत विश्लेषण के लिए निष्कर्ष दर्ज किए हैं। विमान के मलबे को आगे की जांच के लिए एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।

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सिफारिश

AAIB ने DGCA से की ये सिफारिशें

AAIB ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को अपनी सिफारिशों में बारामती जैसे हवाई अड्डों पर बुनियादी मौसम विज्ञान (MET) सुविधाओं के साथ-साथ लैंडिंग सहायता को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला है। इसमें विशेष रूप से VIP संचालन सहित बड़ी संख्या में गैर-निर्धारित, निजी और चार्टर उड़ानों के साथ-साथ उड़ान प्रशिक्षण गतिविधियों को पूरा करना शामिल हैं। इससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

निर्देश

AAIB ने यह मांग भी की

AAIB ने यह भी सिफारिश की कि अनियंत्रित हवाई अड्डों पर सेवाएं संभालने के लिए जिम्मेदार हवाई अड्डा संचालकों और संगठनों को निर्देश जारी किए जाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गैर-निर्धारित, निजी और चार्टर उड़ानों सहित उड़ान संचालन की अनुमति तभी दी जाए जब प्रचलित मौसम संबंधी स्थितियां संबंधित डीजीसीए नियमों में निर्धारित मानदंडों को पूरा करती हों। AAIB ने कहा कि उड़ान डेटा, वॉयस रिकॉर्डिंग और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण अभी भी जारी है।

हादसा

28 जनवरी को दुर्घटनाग्रस्त हुआ था अजित का विमान

अजित 28 जनवरी को निजी विमान से मुंबई से बारामती जा रहे थे। उनके साथ निजी सुरक्षा अधिकारी और पायलट समेत 4 और लोग थे। विमान ने मुंबई से सुबह 8:10 बजे उड़ान भरी और बारामती में 8:30 पर लैंडिंग का पहला प्रयास किया। तब पायलट ने दृश्यता कम होने के चलते दोबारा उड़ान भर ली। 8:43 पर दोबारा लैंडिंग की अनुमति मिलने के एक मिनट बाद अजित का विमान क्रैश हो गया और सवार सभी लोग मारे गए।

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