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नागपुर में सामने आया TCS जैसा मामला, जानिए NGO प्रमुख ने महिलाओं को कैसे बनाया शिकार
नागपुर में सामने आया TCS जैसा मामला

नागपुर में सामने आया TCS जैसा मामला, जानिए NGO प्रमुख ने महिलाओं को कैसे बनाया शिकार

Apr 20, 2026
03:44 pm

क्या है खबर?

महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के BPO में महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण का मामला अभी थमा भी नहीं कि अब नागपुर के एक गैर सरकारी संगठन (NGO) में भी ऐसा ही मामला सामने आ गया है। पुलिस ने यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसाइटी नाम के NGO प्रमुख को महिलाओं के यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन कराने और डिजिटल रूप से परेशान के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आइए पूरा मामला जानते हैं।

प्रकरण

क्या है पूरा मामला?

नागपुर की मनकापुर थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार NGO प्रमुख रियाज फाजिल काजी है। शनिवार देर रात काजी के खिलाफ एक FIR दर्ज कराई गई थी, जिसमें उस पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न और यौन शोषण, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना, मानहानि और सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं फॉलो करते हुए उन्हें परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई है।

अपराध

आरोपी ने कैसे दिया अपराधों को अंजाम?

पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय महिला ने शिकायत में कहा कि वह सितंबर 2023 से NGO में प्रशासन और मानव संसाधन प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं। 18 जुलाई, 2024 को उनके जन्मदिन पर कार्यालय में समारोह के बाद आरोपी ने उन्हें अपने केबिन में बुलाया था। उसके बाद आरोपी ने उनके साथ जबरदस्ती की। पुलिस ने बताया कि पीड़िता ने नौकरी खोने के डर से कुछ नहीं कहा। उसके बाद आरोपी बार-बार उनका यौन शोषण करने लग गया।

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सबूत

आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए उठाए ये कदम

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी हर बार उसे अपने केबिन में बुलाता और पहले CCTV कैमरों को बंद कर देता था। इससे घटना की रिकॉर्डिंग नहीं हो पाती थी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी दूसरों के माध्यम से उसकी निजी जानकारी प्राप्त करता था। जब उसने आरोपी का विरोध शुरू किया तो उसने अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। उसने न केवल उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि शारीरिक रूप से भी चोट पहुंचाई।

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अन्य

अन्य महिलाओं को भी प्रताड़ित करने का आरोप

पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने अन्य महिला कर्मचारियों को भी अपना शिकार बनाया था। इसमें उनकी बड़ी बहन भी शामिल हैं, जो NGO में सहायक परियोजना प्रबंधक के रूप में शामिल हुई थी। आरोपी ने उनकी बहन पर धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने का दबाव डाला, जिनमें एक विशेष धर्म की प्रार्थना करना और विशेष प्रकार के कपड़े पहनना शामिल था। शिकायतकर्ता की बहन ने आरोपी के कथित व्यवहार के कारण 2 महीने के भीतर इस्तीफा दे दिया।

धोखाधड़ी

आरोपी ने दोनों बहनों के नाम से बनाया फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट

मनीकंट्रोल के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोपी पर NGO से जुड़ी महिला कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दोनों के नामों से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाने का भी आरोप लगाया है। आरोप है कि 2024 में एक 24 वर्षीय शिक्षिका ने भी आरोपी के व्यवहार के कारण इस्तीफा दे दिया था। कुछ अन्य कर्मचारी भी आरोपी के व्यवहार और धार्मिक रीति-रिवाजों को थोपने के प्रयासों से असहज थे।

बयान

आरोपी को 23 अप्रैल तक रिमांड पर भेजा गया

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश कालसेकर ने बताया कि अब और भी महिलाएं शिकायतें लेकर सामने आ रही हैं। आरोपी को 23 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी ने नागपुर के RTM विश्वविद्यालय से समाज कार्य में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है। उसने स्वामी विवेकानंद वृद्धाश्रम में परियोजना निदेशक और दिल्ली के ममता स्वास्थ्य संस्थान द्वारा संचालित अक्षय (तपेदिक) राष्ट्रीय स्वास्थ्य परियोजना में भी कार्य किया है।

पृष्ठभूमि

क्या है TCS के BPO में यौन उत्पीड़न का मामला?

इससे पहले TCS के नासिक स्थित BPO कार्यालय में 8 महिलाओं समेत 9 कर्मचारियों ने वरिष्ठ कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। उन्होंने छेड़छाड़, पीछा करना, जबरन मांसाहारी भोजन कराना और नमाज अदा करने के लिए मजबूर करना जैसे कई आरोप लगाए हैं। विशेष जांच दल (SIT) महिला कर्मचारियों के कथित शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के संबंध में दर्ज कुल 9 मामलों की जांच कर रही है।

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