NCIB का फर्जी निदेशक 25 साल बाद पहुंचा जेल, इंटरपोल भी कर रही थी तलाश
मंगलुरु पुलिस ने केरलम के एक 64 साल के व्यक्ति सैम पीटर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह व्यक्ति पिछले 25 सालों से खुद को नेशनल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (NCIB) का निदेशक बताता आ रहा था। सितंबर 2023 में जमानत मिलने के बाद भी वह फरार चल रहा था। इससे पहले अगस्त 2019 में भी उसे मंगलुरु के पंपवेल इलाके में एक लॉज से अपने आठ साथियों के साथ पकड़ा गया था।
सैम पीटर के खिलाफ 17 धोखाधड़ी के मामले
सैम पीटर डैनी तारकन और शैरन फ्रांसिस जैसे फर्जी नाम इस्तेमाल करता था। उसने एक ऐसा गिरोह चलाया जो आर्थिक विवादों और बैंक घोटालों में फंसे लोगों को निशाना बनाता था। NCIB अफसर होने का झूठा दावा कर वह लोगों से पैसे ऐंठता था। इसी वजह से बिहार, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में उस पर धोखाधड़ी के 17 मामले दर्ज हैं। बता दें कि साल 2001 से ही इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया हुआ है। सिर्फ मंगलुरु में ही अदालतों ने उसके खिलाफ 31 वारंट जारी किए हैं। उसे आगे की जांच के लिए ईस्ट पुलिस को सौंप दिया गया है।