बस की मनमानी से छूटी फ्लाइट, अब चुकाओ 73,000 रुपये! उपभोक्ता आयोग का कड़ा संदेश।
आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति को बेंगलुरु जाने वाली अपनी रात की बस के कारण दिल्ली की अपनी फ्लाइट गंवानी पड़ी। बस लेट हो गई थी और बिना कोई जानकारी दिए दूसरे रास्ते (डायवर्जन) पर चली गई। इस कारण वह यात्री देवनाहल्ली टोल क्रॉस पर सुबह 10:50 बजे के बाद ही पहुंच सका, जबकि उसकी फ्लाइट का समय निकल चुका था। फ्लाइट छूटने के बाद उसे नया टिकट खरीदना पड़ा और साथ ही अतिरिक्त ठहरने का खर्च भी उठाना पड़ा।
ग्रीनलाइन ट्रैवल्स को 73,000 रुपये देने का आदेश
उपभोक्ता आयोग ने ग्रीनलाइन ट्रैवल्स को पैसेंजरों को देरी या रूट में बदलाव की जानकारी न देने के लिए फटकार लगाई है। आयोग ने कहा कि, "यात्री को तय समय पर गंतव्य तक न पहुंचा पाना और रूट में बदलाव या देरी की समय पर जानकारी न देना, सर्विस में कमी है।" आयोग ने कंपनी को 73,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस राशि में यात्री को हुए आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और कानूनी खर्च शामिल हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनलाइन ट्रैवल्स 45 दिन के भीतर यह राशि नहीं चुकाती है, तो उन्हें ब्याज के साथ और अधिक पैसे देने होंगे।