कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु ने 20 TMC पानी पर ठोका दावा, कर्नाटक ने सूखे को ठहराया जिम्मेदार
सुप्रीम कोर्ट में अभी हाल ही में कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहे एक बड़े विवाद पर सुनवाई हुई है। तमिलनाडु का कहना है कि कर्नाटक उनकी 'पुरवाई' फसल, जो कि देर से बोई जाने वाली खरीफ फसल है, के लिए जरूरी पानी रोक रहा है।
उनका दावा है कि उन्हें 20 TMC पानी की कमी हो रही है। कर्नाटक इस बात से सहमत नहीं है। उसका कहना है कि पानी की कमी सिर्फ 16 TMC की है और इस कम सप्लाई के लिए सूखे को जिम्मेदार ठहराया है।
तमिलनाडु ने CWMA को लागू करने की मांग की
कर्नाटक का तर्क है कि मुश्किल हालात के बावजूद वह अभी भी पानी छोड़ रहा है, जबकि तमिलनाडु कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के कामकाज से खुश नहीं है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून पहले ही खत्म हो चुका था, और तमिलनाडु अब नियमों को लागू करने पर जोर दे रहा है ताकि किसानों को नुकसान न हो। कोर्ट ने इस मामले पर गौर किया है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।