उत्तराखंड में हैं 219 लटकते ग्लेशियर, क्या भारत इस हिमालयी खतरे से निपटने के लिए है तैयार?
नेपाल में हुए एक जानलेवा हिमस्खलन ने भारत के अपने हिमालयी इलाकों में छिपे खतरों की तरफ सबका ध्यान खींचा है। भारत में अधिकारी भले ही बाढ़ रोकने के लिए हजारों ऊंचाई वाली झीलों पर नजर रख रहे हों, लेकिन नेपाल में जिस तरह से बर्फ का विशाल हिस्सा ढहा, वैसी घटनाओं से निपटने के लिए हमारे मौजूदा सिस्टम पूरी तरह तैयार नहीं दिखते। ऐसे में आपदा से निपटने की हमारी तैयारियों में कुछ कमियां साफ नजर आती हैं।
अलकनंदा में मिले 219 लटकते ग्लेशियर
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के एक नए अध्ययन से पता चला है कि उत्तराखंड के अलकनंदा बेसिन में 219 'हैंगिंग ग्लेशियर' (लटकते ग्लेशियर) मौजूद हैं। ये ग्लेशियर बहुत ही ढलानदार और अस्थिर होते हैं, जो कभी भी अचानक टूट सकते हैं। इनके टूटने से बद्रीनाथ की तरफ तेजी से हिमस्खलन और मलबा आ सकता है। जानकारों का कहना है कि अब बेहतर रिसर्च और नई सुरक्षा योजनाएं बनाने की सख्त जरूरत है, क्योंकि बाढ़ रोकने के लिए बनाए गए मौजूदा इंतजाम इन अचानक होने वाले ग्लेशियरों के टूटने से पड़ने वाले असर से निपटने में सक्षम नहीं हैं।