कोलकाता में 13,000 पेनों से बनी दुर्गा मूर्ति, देखने के लिए उमड़ी भीड़
इस साल कोलकाता के त्रिधारा सम्मिलनी में दुर्गा पूजा देखने आने वाले लोगों की भीड़ एक अनोखी दुर्गा प्रतिमा को देखने के लिए रुक रही है। यह 5.5 फुट ऊंची प्रतिमा करीब 13,000 पेंटोनिक पेनों और इतनी ही संख्या में रीसाइकल किए गए प्लास्टिक रिफिल से तैयार की गई है।
कलाकार चंद्रनाथ साहा (तिलक) ने इस प्रोजेक्ट की अगुवाई की है। उन्होंने दिखाया है कि रोजमर्रा की चीजों को कैसे त्योहारों की कला में बदला जा सकता है। लिंक लिमिटेड के राइटिंग इंस्ट्रूमेंट ब्रांड पेंटोनिक ने इस कलाकृति को पेश किया है। इस पहल का मुख्य मकसद रचनात्मकता को पर्यावरण जागरूकता के साथ जोड़ना है।
मूर्ति अलग की जाएगी, पेन रीसाइकल होंगे, चर्चा छिड़ी
त्योहार खत्म होने के बाद, इस मूर्ति को खोला जाएगा और इसमें लगे सभी पेनों को नए प्रोडक्ट्स बनाने के लिए रीसाइकल किया जाएगा। इससे कुछ भी बेकार नहीं जाएगा।
पारंपरिक प्रतिमा के ठीक बगल में लगाई गई इस मूर्ति ने लोगों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। यह प्रोजेक्ट इस बात पर चर्चा शुरू कर रहा है कि कैसे हम अपनी कलात्मकता खोए बिना त्योहारों को पर्यावरण के लिए और बेहतर बना सकते हैं।