कमजोर मानसून और खाद की किल्लत, किसानों की जेब पर सीधा असर
मौसम विभाग ने इस बार मानसून को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उनका अनुमान है कि इस साल सामान्य से सिर्फ 92% बारिश होगी। यह बात इसलिए चिंताजनक है क्योंकि भारत की करीब आधी खेती इसी बारिश पर टिकी है। ऐसी हालत में फसलों को नुकसान हो सकता है और देश में खाने-पीने की चीजों की किल्लत भी आ सकती है।
फर्टिलाइजर का स्टॉक 18 मिलियन टन कम, 39 मिलियन टन की जरूरत
इस मुश्किल के साथ-साथ एक और बड़ी परेशानी सामने आ गई है। फर्टिलाइजर का स्टॉक उम्मीद से काफी कम है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावटें हैं। खेती के मुख्य समय के लिए 39 मिलियन टन फर्टिलाइजर की जरूरत है, लेकिन अभी सिर्फ 18 मिलियन टन ही मौजूद है। इन दोनों मुश्किलों की वजह से फसलों की पैदावार घट सकती है और दाल-तेल जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। इससे न केवल किसानों की आमदनी पर असर पड़ेगा, बल्कि आम लोगों को भी महंगाई का सामना करना पड़ेगा।