सत्य निकेतन त्रासदी के बाद खाली हो रहे PG, छात्र बोले- असली आंकड़ा छुपाया जा रहा
दिल्ली के सत्य निकेतन में एक PG ढह गया, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और 5 लोग घायल हुए। इस दर्दनाक घटना के बाद छात्रों में गुस्सा भड़क गया और उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिए।
150 से ज्यादा दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मरने वालों का सही आंकड़ा छुपा रहा है और कई छात्र अभी भी लापता हैं। घायल या लापता हुए छात्रों के परिजनों ने अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन उन्हें अपनों का कोई सुराग नहीं मिला।
प्रदर्शनकारियों ने 1 करोड़ की मांग की
प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि पीड़ितों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए, PG की ठीक से सुरक्षा जांच की जाए और प्रभावित छात्रों के लिए रहने का कोई दूसरा इंतजाम किया जाए। जवाब में, प्रशासन ने असुरक्षित इमारतों को खाली करवाना शुरू कर दिया, खासकर उन PG इमारतों को जिनकी 4 या उससे ज्यादा मंजिलें थीं।
इसकी वजह से कई छात्रों को आनन-फानन में अपना सामान हटाना पड़ा। कुछ छात्र इस बात से भी नाराज हैं कि उन्हें अपनी सिक्योरिटी डिपॉजिट या किराया वापस नहीं मिला। इस हादसे के बाद साउथ कैंपस के आसपास छात्रों के लिए बनी रहने की जगहों की सुरक्षा को लेकर कई छात्र दोबारा सोचने लगे हैं।