वकीलों के खिलाफ फूटा दिल्ली पुलिस का गुस्सा, वकीलों की पहुंच को सीमित करने की मांग
दिल्ली में सोमवार को सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मनस्वी वशिष्ठ की अगुआई में करीब 500 दिल्ली पुलिसकर्मी अपने मुख्यालय के बाहर जमा हुए। उन्होंने अधिकारियों के सामने 5 मुख्य मांगे रखी हैं। इन पुलिसवालों की मांग है कि वकीलों के साथ होने वाले झगड़ों को सुलझाने का एक सही तरीका बने। वे शिकायतों के लिए एक कमेटी और अदालतों की सुरक्षा और मजबूत करने की भी बात कह रहे हैं। उनकी यह भी मांग है कि वकीलों के खिलाफ वशिष्ठ की शिकायत पर दर्ज FIR रद्द न की जाए और पुलिस कार्यालयों में वकीलों का प्रवेश सीमित किया जाए।
वशिष्ठ निलंबित, विरोध प्रदर्शन का किया बचाव
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब शाहदरा में एक वकील को चोट लगने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद ACP वशिष्ठ और एक दूसरे अधिकारी का तबादला कर दिया गया था। इसके कुछ ही समय बाद तो वशिष्ठ को निलंबित भी कर दिया गया। एक वीडियो जारी कर उन्होंने बताया कि यह विरोध वकीलों के खिलाफ नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों के हक की बात है। वशिष्ठ ने साफ किया कि वे वकीलों के खिलाफ नहीं, बल्कि उन लोगों के विरोध में इकट्ठा होने जा रहे थे जो अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करते हैं।