मुंबई में स्वाइन फ्लू और मलेरिया का दोहरा खतरा: हजारों बीमार, BMC ने संभाली कमान
मुंबई में जून से अगस्त के बीच स्वाइन फ्लू (H1N1) के 441 मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले साल यह संख्या सिर्फ 62 थी, जिससे इस बार भारी उछाल देखने को मिला है। मलेरिया के मामलों में भी 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, अब तक 4,485 मामले मिल चुके हैं।मामलों में अचानक आई इस तेजी ने पूरे शहर की चिंता बढ़ा दी है।
BMC कर रहा H1N1 की जांच
BMC की टीमें अब स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की जांच कर रहा है, दवाइयां भी बांट रहा है। साथ ही, उन लोगों पर 10 दिनों तक नजर रख रही हैं जो इन मरीजों के संपर्क में आए थे। अस्पतालों में खास बेड तैयार किए गए हैं और जरूरी उपकरण भी जमा कर लिए गए हैं। मलेरिया को रोकने के लिए, BMC ने खास इलाकों के 52,197 ऐसी जगहों का सर्वे किया है जहां मच्छर पैदा हो सकते हैं। इससे बीमारी को शुरुआती दौर में ही रोका जा सकेगा। अच्छी बात यह है कि इस साल मुंबई में डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और COVID-19 के मामले कम हुए हैं।