पंजाब में सूखा: 34 प्रतिशत कम बारिश से बेहाल किसान, भाखड़ा बांध भी खाली
पंजाब ने इस साल उत्तर भारत में मानसून की सबसे बड़ी कमी झेली है। जून से अगस्त के महीनों के बीच राज्य में सामान्य से 34 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में आमतौर पर 349 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार सिर्फ 229.2 मिलीमीटर ही दर्ज की गई। यह आंकड़ा हरियाणा-दिल्ली-चंडीगढ़ की 15 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश की 9 प्रतिशत की कमी से काफी ज्यादा है।
पंजाब के किसान पानी की किल्लत से जूझ रहे
बारिश की इस कमी ने पंजाब के किसानों के लिए दिक्कतें बढ़ा दी हैं। उनकी खेती सही मात्रा में पानी मिलने पर ही निर्भर करती है। जून में जहां लगभग आधी बारिश हुई, वहीं जुलाई में भी 26 प्रतिशत कम बरसात हुई। ऐसे में खेतों को हरा-भरा रखने के लिए भूजल और नहरों पर ज्यादा दबाव पड़ रहा है।
भाखड़ा बांध जैसे बड़े जलाशयों में भी पानी का स्तर घट गया है। अगस्त के आखिर तक यह बांध अपनी पूरी क्षमता से 46 फीट नीचे था। इसी वजह से भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से पानी का सावधानी से इस्तेमाल करने की अपील की है, क्योंकि आने वाले समय में ज्यादा बारिश होने की उम्मीद नहीं है।