कावेरी में अतिरिक्त पानी मिलने के बाद भी तमिलनाडु पर मंडराया जल संकट!
तमिलनाडु को 2025-26 के लिए कावेरी का 330 TMC फीट अतिरिक्त पानी मिला है। यह मात्रा 2007 के कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल के अंतिम फैसले और 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए संशोधन में निर्धारित मात्रा से कहीं ज्यादा है। पिछले साल जून से अक्टूबर के बीच इस अतिरिक्त पानी का अधिकतर हिस्सा आया था। यह सातवीं बार है जब कावेरी में इतनी बड़ी मात्रा में पानी आया है। हालांकि, अब हालात थोड़े मुश्किल हो सकते हैं। 2026-27 के करीब आते ही जलाशयों का स्तर तेजी से नीचे चला गया है, और मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार मानसून की बारिश कम रह सकती है, जिससे चिंताएं बढ़ गई हैं।
कर्नाटक के जलाशयों में कम हुआ पानी का स्तर
कर्नाटक के जलाशयों में भी पानी का स्तर कम होने से तमिलनाडु की चिंताएं बढ़ गई हैं। उन्हें इस जल वर्ष में पानी की कमी होने की आशंका है। इसके बावजूद, कावेरी डेल्टा में कुरुवई धान की खेती 2.1 लाख एकड़ में की जा चुकी है। यह भूजल (ग्राउंडवॉटर) के सहारे संभव हो पाया है। अधिकारी इस खेती को 2.5 लाख एकड़ तक बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि खराब मानसून की बारिश इसकी गति को धीमा कर सकती है।