नशीली दवाओं का कहर: तमिलनाडु में 313 ओवरडोज मौतें, देश में नंबर 1
2024 में तमिलनाडु में ओवरडोज से 313 लोगों की मौत हुई है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं। NCRB के नए आंकड़ों के अनुसार, इस मामले में पंजाब (106 मौतें) और मध्य प्रदेश (90 मौतें) पीछे रह गए हैं। खास बात यह है कि तमिलनाडु में 2022 और 2023 में यह आंकड़ा कम हो गया था, लेकिन 2024 में अचानक इसमें भारी बढ़ोतरी हुई है।
नशीली दवाओं की जब्ती भी बढ़ी
मेथामफेटामाइन, हाइड्रोपोनिक कैनबिस और ट्रामाडोल व अल्प्रजोलम जैसी प्रिस्क्रिप्शन दवाएं इस बढ़ते संकट की मुख्य वजह हैं। इन नशीली दवाओं की जब्ती 2023 में 40,000 गोलियों से बढ़कर 2024 में 1.40 लाख तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा साफ तौर पर बताता है कि नशीली दवाओं की तस्करी अब संगठित गिरोहों के जरिए बड़े पैमाने पर हो रही है। तमिलनाडु चुनावों के दौरान यह मामला एक अहम चुनावी मुद्दा बन गया था।
भारत में ओवरडोज से 978 मौतें
पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी ओवरडोज से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ रही है। पूरे देश में 2024 में ओवरडोज से कुल 978 मौतें दर्ज की गई हैं। ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग अब एक बड़ी राष्ट्रीय चिंता का विषय बनता जा रहा है।