उज्जैन में तनाव गरमाया, शाही मस्जिद परिसर में तोड़फोड़ का काम जारी
उज्जैन इन दिनों चर्चा में है। यहां साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले की तैयारी के लिए सड़क चौड़ीकरण का एक बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है। इसी प्रोजेक्ट के तहत 600 साल पुरानी शाही मस्जिद के एक हिस्से समेत कुल 272 ढांचों को गिराने का फैसला किया गया है।
इस फैसले के बाद मस्जिद वाली जगह पर काफी विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुईं। कुछ स्थानीय लोग प्रशासन का सहयोग करते दिखे, तो वहीं कुछ लोग इस कदम का कड़ा विरोध कर रहे थे।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने लोगों की भावनाओं का सम्मान करने की बात कही। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अधिकारियों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने चाहिए।
कलावती यादव बोलीं, सड़क चौड़ीकरण बेहद जरूरी
दरअसल, यह सारी तोड़फोड़ उज्जैन को लाखों श्रद्धालुओं के लिए तैयार करने की एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है। शहर में नए घाट बन रहे हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर किया जा रहा है।
उज्जैन नगर निगम की अध्यक्ष कलावती यादव ने बताया कि ये बदलाव बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कहा, "लाखों भक्तों के आने की उम्मीद है, इसलिए इतने बड़े आयोजन की मेजबानी के लिए सड़कों का चौड़ा होना बहुत जरूरी है।"
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद एक मिसाल पेश की। उन्होंने शुरुआत अपने पैतृक घर को गिरवाकर की है।