गाजियाबाद: पुलिस बूथ के बाहर 22 वर्षीय युवक की तड़प-तड़प कर मौत, मदद न मिलने पर उठे गंभीर सवाल
गाजियाबाद में 22 साल के राज कुमार की मौत हो गई। यह घटना गाजियाबाद पुलिस के 'पिंक बूथ' के ठीक बाहर हुई। दरअसल, ऑटो-रिक्शा चालक से किराया को लेकर हुए झगड़े में राज कुमार बुरी तरह घायल हो गए थे और खून से लथपथ थे। मदद की उम्मीद में वह इस पिंक बूथ की तरफ भागे थे, लेकिन बूथ बंद मिला। परिवार का आरोप है कि वह करीब 40 मिनट तक वहीं मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। आखिरकार जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब तक देर हो चुकी थी और उनकी मौत हो गई।
परिवार ने बूथ की लापरवाही का आरोप लगाया
राज कुमार के परिवार ने आरोप लगाया है कि बूथ खाली पड़ा था और अंदर कोई नहीं था। उनका कहना है कि राज कुमार ने मदद मांगने के लिए बूथ के शीशे पर हाथ मारे, जिससे उनके हाथों में चोटें भी आईं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिवार का साफ कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही राज कुमार की जान गई है। दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि राज कुमार और ऑटो-रिक्शा चालक दोनों ही नशे में थे। पुलिस का यह भी कहना है कि राज कुमार को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया था। इस घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर लोगों में काफी गुस्सा है। अब इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दिया गया है, जो हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है।