महाराष्ट्र में 17 लाख कर्मचारी हड़ताल पर, सरकार की दो टूक – काम नहीं तो पैसा नहीं
महाराष्ट्र में करीब 17 लाख सरकारी, अर्ध-सरकारी और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। उनका आरोप है कि 1 मार्च, 2024 से लागू हुई संशोधित पेंशन योजना अभी तक अमल में नहीं लाई गई है। इस वजह से कई कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
संशोधित पेंशन नोटिफिकेशन जारी करने में देरी
कर्मचारियों की मुख्य चिंता यह है कि सरकार ने अभी तक संशोधित पेंशन योजना का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इस नोटिफिकेशन के बिना, रिटायर हुए कर्मचारियों को योजना के तहत मिलने वाले लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने इस पैसे पर भरोसा किया था। यह स्थिति उनके लिए तनाव पैदा कर रही है।
राज्य सरकार ने लागू की 'काम नहीं, तो पैसे नहीं' की नीति
राज्य सरकार ने इस हड़ताल को 'अनुचित आचरण' बताया है। इसके साथ ही, सरकार ने 'काम नहीं, तो पैसे नहीं' की सख्त नीति भी लागू कर दी है। इसका सीधा मतलब यह है कि हड़ताल में शामिल होने वाले किसी भी कर्मचारी को इस दौरान उनके काम का कोई वेतन नहीं मिलेगा।