
पुलवामा आतंकी हमले के 11 शहीदों के परिजनों को अब तक नहीं मिली नौकरी, जानें कारण
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 2019 में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 11 जवानों के परिजनों को अभी तक नौकरी नहीं मिली है। इसका कारण बताते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में जवाब दिया।
उन्होंने बताया कि 11 शहीदों की विधवाओं ने फैसला किया है कि जब उनके बच्चे 18 साल के हो जाएंगे, तब वे सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करेंगे। तब तक वे इंतजार कर रहे हैं।
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अब कितने शहीदों के परिजनों को क्या मिला?
मंत्री राय ने बताया कि हमले में मारे गए 40 शहीदों में 8 शहीदों के परिवारों को 1.5 से 2 करोड़ रुपये, 29 को 2 से 2.5 करोड़ रुपये और 3 शहीदों के परिवारों को 2.5 से 3 करोड़ रुपये के बीच मुआवजा मिला है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के अलावा अन्य दान की राशि शामिल है।
इनमें 19 शहीदों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल चुकी है। 3 अन्य की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।
हमला
300 किलो विस्फोटक से उड़ा दी गई थी जवानों की गाड़ी
14 फरवरी, 2019 को पुलवामा के अवंतिपोरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर जा रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले को आतंकियों ने निशाना बनाया और 300 किलो विस्फोटक से लदी गाड़ी को काफिले के वाहन से टक्कर मारकर उड़ा दिया।
हमले में 40 जवानों की दर्दनाक मौत हुई थी। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके 12 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक कर बदला लिया था।