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आंध्र प्रदेश: गोदावरी नदीं में पलटी पर्यटकों से भरी नाव, 12 लोगों की मौत, 30 लापता

आंध्र प्रदेश: गोदावरी नदीं में पलटी पर्यटकों से भरी नाव, 12 लोगों की मौत, 30 लापता

Sep 15, 2019
07:42 pm

क्या है खबर?

आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी में नाव पलटने की घटना में 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। घटना पूर्व गोदावरी जिले के देवीपाटनम इलाके में हुई और जिस समय नाव पलटी तब उसमें 61 लोग सवार थे। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की दो टीमें बचाव कार्य में लगी हुई हैं और अब तक 23 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

बचाव कार्य

नाव को खोजने के लिए लगाया गया हेलीकॉप्टर

खबरों के अनुसार, आंध्र प्रदेश पर्यटन विकास निगम की तरफ से संचालित यह नाव देवीपाटनम के पास गांडी पोचम्मा मंदिर से एक प्रमुख पर्यटन स्थल पपिकोंडालु के लिए चली थी। लेकिन नाव रास्ते में ही पलट गई और इसमें मौजूद सभी लोग पानी में बह गए। इसके बाद 30-30 सदस्यों वाली दो NDRF को बचाव कार्य में लगाया गया। नाव को खोजने के लिए ONGC का एक हेलीकॉप्टर भी लगाया गया है।

जानकारी

उफान पर है गोदावरी नदी

बता दें कि पिछले एक हफ्ते से गोदावरी नदी उफान पर है और रविवार को जिस समय ये घटना हुई, उस समय बाढ़ का 5 लाख क्यूसेक पानी नदी में शामिल हुआ था। ऐसे में नदी में नाव से जाना खतरे से खाली नहीं था।

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घोषणा

मृतकों के परिजनों को दिए जाएंगे 10 लाख रुपये

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी स्थिति का जायजा ले रहे हैं और उन्होंने बचाव कार्यों के बारे में अधिकारियों से बातचीत की। जगन रेड्डी ने घटना में मरने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। उन्होंने गोदावरी नदी में चलने वाली सभी नावों का लाइसेंस रद्द करने का फैसला सुनाते हुए अधिकारियों को नदी में चलने वाली सभी नावों की कड़ी जांच करने का आदेश दिया है।

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शोक

चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण ने घटना पर दुख जताया

रेड्डी ने जिले में मौजूद अपने सभी मंत्रियों को बचाव कार्य की निगरानी करने का आदेश दिया है। TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अपने कार्यकर्ताओं को बचाव कार्य में मदद करने को कहा है। वहीं, पर्यटन मंत्री मुथमशेट्टी श्रीनिवास राव ने कहा है कि नाव के पास पर्यटन विभाग से लाइसेंस नहीं था और वह ककिनाडा पोर्ट प्रशासन की मंजूरी से काम कर रही थी।

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