
मध्य प्रदेश: मुरैना में जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत, दर्जनभर बीमार
क्या है खबर?
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जहरीली शराब पीने से दो गांवों के 10 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग बीमार हो गए हैं।
बीमारों को मुरैना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की जानकारी देते हुए SP अनुराग सुजैनिया ने बताया कि अस्पताल में भर्ती लोगों को हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतकों में से तीन पावली और सात मानपुर गांव के रहने वाले थे।
घटना
अस्पताल के रास्ते में तोड़ा अधिकतर लोगों ने दम
पुलिस के अनुसार, गांव में ही शराब बनाकर बेची जा रही थी। सोमवार रात को शराब पीने के बाद कुछ लोगों ने उल्टी करना शुरू कर दिया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
इनमें से अधिकतर लोगों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। अभी तक किसी के गिरफ्तार होने की जानकारी नहीं है।
विरोध
मृतकों के परिजनों का हंगामा
मृतकों के परिजनों में अस्पताल के बाहर पहुंचकर हंगामा किया और नारेबाजी की। लोग यहां अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे।
अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों का कहना है कि आसपास के गांवों में इलाके में बनी शराब आसानी से मौजूद है और इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह शराब बेची जा रही है।
बयान
"अवैध शराब की बिक्री क्यों नहीं रोकता प्रशासन"
अस्पताल के बाहर मौजूद एक ग्रामीण ने कहा कि प्रशासन अब कार्रवाई की बात कर रहा है, लेकिन वो अवैध शराब की बिक्री क्यों नहीं रोकता। पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी भी अवैध शराब की बिक्री में शामिल हैं।
पुरानी घटना
रतलाम में हुई थी आठ लोगों की मौत
मध्य प्रदेश में जहरीली शराब के कारण लोगों की मौत होने की यह पहली घटना नहीं है।
बीते साल लॉकडाउन के दौरान रतलाम जिले में जहरीली शराब पीने के कारण आठ लोगों की मौत हुई थी और कई लोग बीमार हुए थे।
तब भी पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी। ऐसी ही बातें अब मुरैना में कही जा रही हैं।
जानकारी
उज्जैन में हुई थी आठ लोगों की मौत
बीते अक्टूबर में उज्जैन में भी ऐसी ही घटना में 14 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे राज्य में अवैध शराब को लेकर अभियान चलाया था। हालांकि, वह अभियान कितना सफल रहा, इसे लेकर कोई जानकारी नहीं है।