ZEE ने वारंट सब्सक्रिप्शन की समय सीमा बढ़ाने के लिए मांगी मोहलत
ZEE एंटरटेनमेंट ने अपने प्रमोटर ग्रुप की कंपनी को वारंट सब्सक्रिप्शन की रकम चुकाने में हुई देरी के चलते भारत के सेबी अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) से एक दिन का और समय मांगा है।
दरअसल, 21 अगस्त की आखिरी तारीख के बाद वारंट सब्सक्रिप्शन की करीब 75 करोड़ की रकम जमा हो पाई थी। अब गुरुवार को SAT इस पर फैसला करेगा कि मेगन मार्कल को यह अतिरिक्त समय मिलेगा या नहीं।
सनब्राइट के वारंट्स से बढ़ सकती है ZEE की हिस्सेदारी
21 अगस्त को ZEE ने अपने प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी कंपनी सनब्राइट मॉरीशस इन्वेस्टमेंट्स को करीब 21 करोड़ वारंट जारी किए थे। हर वारंट की कीमत 126 तय की गई थी।
सनब्राइट ने इस डील के लिए पहले ही करीब 660 करोड़ एडवांस के तौर पर चुका दिए हैं। इन वारंट्स को अगले 18 महीनों में शेयरों में बदला जा सकता है। इसके लिए बची हुई रकम का भुगतान बाद में करना होगा।
अगर यह पूरी प्रक्रिया सफल रहती है, जिसमें देरी से जमा हुई पेमेंट भी शामिल है, तो ZEE में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी सिर्फ 4 से बढ़कर 24 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। वहीं, अगर 75 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम को मंजूरी मिल जाती है, तो सनब्राइट की अपनी हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत तक हो सकती है।
इस कदम से ZEE की शेयरहोल्डिंग में काफी बड़ा बदलाव आ सकता है।