
कृति की 'मिमी' से विद्या बालन की 'शेरनी' तक, ये हैं 2021 की महिला केंद्रित फिल्में
क्या है खबर?
अब वो जमाना गया, जब रुपहले पर्दे पर महिलाओं को मजबूर मां, भोली-भाली पत्नी, प्यार में पागल प्रेमिका या अपनी सीमा में रहने वाली बेटी की भूमिका में दिखाया जाता था।
पिछले कुछ सालों से बॉलीवुड में महिलाओं का बोलबाला देखने को मिल रहा है। हर साल की तरह इस बार भी कुछ ऐसी फिल्में देखने को मिलीं, जिनमें महिलाओं का दबदबा देखने को मिला और सराहा भी गया।
आइए ऐसी ही फिल्मों पर एक नजर डालते हैं।
#1
'मिमी'
अगर आपने फिल्म 'मिमी' देखी होगी तो आपको इसकी अदाकारा कृति सैनन तो याद ही होंगी।
लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति ने सरोगेट मदर का किरदार निभाया। भले ही फिल्म टिकट खिड़की पर कुछ खास कामयाब नहीं रही, लेकिन कृति ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।
अभिनेत्री ने एक छोटे शहर की लड़की की भूमिका निभाई, जो पैसों की जरूरत पड़ने पर एक विदेशी जोड़े के लिए सरोगेट मदर बन जाती है।
#2
'शेरनी'
इस फिल्म में विद्या बालन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में विद्या ने एक फॉरेस्ट ऑफिसर का किरदार निभाकर दर्शकों से खूब वाहवाही लूटी थी।
फिल्म में वह पुरुष प्रधान मानसिकता को चुनौती देते हुए इंसान और जानवर के बीच संघर्ष को सुलझाती दिखी थीं।
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की 15 सदस्यों की जूरी ने अकादमी अवार्ड्स में भारत की प्रविष्टि के लिए इस साल 14 फिल्मों को शॉर्ट लिस्ट किया था, जिनमें 'शेरनी' भी शामिल थी।
#3
'रश्मि रॉकेट'
तापसी पन्नू ने इस फिल्म में लीड रोल किया था और आकर्ष खुराना फिल्म के निर्देशक थे।
तापसी ने मशहूर एथलीट रश्मि रॉकेट का किरदार निभाया था, जो राष्ट्रीय स्तर पर फास्ट-रनर बनने में सफल हो जाती है, लेकिन उसके सपने में बाधा तब आती है, जब उसे लिंग परीक्षण कराने के लिए कहा जाता है।
फिल्म की कहानी एक महिला एथलीट के संघर्षों पर आधारित है, जो परिवार और समाज की बेड़ियां पार कर आगे बढ़ती है।
#4
'छोरी'
यह फिल्म भले ही हॉरर के मामले में उतनी कामयाब ना रही हों, लेकिन इसकी कहानी ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा था। फिल्म की लीड हीरोइन थीं नुसरत भरूचा।
इसका क्लाइमैक्स देखने लायक था। नुसरत ने काफी अच्छा अभिनय किया था। दर्शकों ने तो 'छोरी' को परफॉर्मेंस के लिहाज से उनकी बेस्ट फिल्म बताया था।
फिल्म एक गर्भवती महिला के बारे में है, जो अपने बच्चे को अलौकिक और सामाजिक बुराइयों से बचाने की कोशिश करती है।
#5
'त्रिभंगा'
इस फिल्म से रेणुका शहाणे ने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। इसमें काजोल ने मां और बेटी के किरदार में शानदार काम किया था। तन्वी आजमी, मिथिला पालकर ने भी फिल्म में अहम भूमिका निभाई थी।
ये महिलाएं अपने लिए चुनी हुई जिंदगी जीना चाहती हैं, चाहे उन पर किसी भी तरह की उम्मीदें और फैसले क्यों ना थोपे जाएं।
फिल्म में तीन पीढ़ियों की मां-बेटी के बीच बनते-बिगड़ते रिश्ते को खूबसूरती से पिरोया गया है।
#6
'थलाइवी'
इस फिल्म की नायिका कंगना रनौत थीं। उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत अभिनेत्री जयललिता के सिनेमा से सियासत के सफर को बखूबी पर्दे पर उतारा।
कंगना का काम आला दर्जे का रहा। रिलीज से पहले तक इस फिल्म में कंगना के लुक की तारीफ हो रही थी, लेकिन फिल्म देखने के बाद कंगना के बेहतरीन काम पर दर्शकों ने अपनी मुहर लगा दी थी।
जयललिता के जीवन पर बनी यह फिल्म 10 सितंबर को रिलीज हुई थी।
#7
'पगलैट'
इस फिल्म में अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा ने अहम भूमिका निभाई थी। उमेश बिष्ट ने इस फिल्म का निर्देशन किया था। हल्के-फुल्के अंदाज में यह गंभीर बात बोल जाती है।
शानदार कलाकारों की टोली और इसकी सीधी सपाट कहानी दिल जीतती है।
फिल्म में सान्या ने अपने पति की मौत का शोक मनाने के बाद संघर्ष कर रही एक युवा विधवा की भूमिका निभाई, जो दु:ख में खुद को खोने के बजाय अपनी पहचान खोजने की कोशिश करती दिखी।
#8
'साइना'
यह स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 26 मार्च को रिलीज हुई थी। भले ही फिल्म की रिलीज के बाद इसे लेकर माहौल ठंडा हो गया हो, लेकिन परिणीति चोपड़ा की मेहनत रंग लाई।
बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल के किरदार को उन्होंने बखूबी पर्दे पर उतारा। अमोल गुप्ते के निर्देशन में बनी इस फिल्म में परिणीति ने हरियाणवी लहजे को भी अच्छी तरह पकड़ा।
परिणीति फिल्म में साइना के करियर में आए उतार-चढ़ाव को दिखाने में कामयाब रहीं।