
विशाल भारद्वाज ने फिल्म 'मकबूल' की शूटिंग के लिए दे दी थी अपनी पूरी फीस
क्या है खबर?
फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज अपनी विषय आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। खासकर, उनकी क्राइम थ्रिलर फिल्में खूब पसंद की जाती हैं।
2003 में आई उनकी फिल्म 'मकबूल' की फिल्म समारोहों में आज भी चर्चा होती है। इस फिल्म ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता दिलाई थी।
अब एक बातचीत में विशाल ने इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया है। फिल्म के बजट के कारण विशाल को अपनी फीस भी छोड़नी पड़ी थी।
खबर
अपनी संतुष्टि के लिए अड़ जाते हैं विशाल
मिड डे से बातचीत में विशाल ने बताया कि फिल्म की शूटिंग में उनकी संतुष्टि जरूरी है। इसके लिए वह अपने पैसे भी लगा देते हैं।
'मकबूल' का अनुभव याद करते हुए उन्होंने बताया कि इसमें एक दृश्य था, जिसमें कैरम खेला जाना था।
इसके लिए कंपनी ने एक छोटा कैरम मंगाया था। उनसे कहा गया कि इसका ही बजट है। इस पर विशाल ने कहा कि वह इसके साथ शूटिंग नहीं करेंगे। उन्होंने अपने पैसों से बड़ा कैरम मंगवाया।
हवेली
'मकबूल' के लिए चाहिए थी हवेली
उन्होंने बताया कि फिल्म में अब्बा जान की हवेली दिखानी थी।
मुंबई में फिल्म सिटी में एक हवेली है, जिसमें फिल्मों में हवेली के दृश्यों की शूटिंग होती है। विशाल इसमें शूटिंग नहीं करना चाहते थे, वह एक असल का बड़ा सा घर चाहते थे। उन्हें ऐसा घर भोपाल में मिला।
निर्माता बॉबी बेदी ने ऐन मौके पर भोपाल में शूटिंग रद्द कर दी और इसे फिल्म डिविजन की हवेली में शूट करने के लिए कहा।
प्रतिक्रिया
शूटिंग के लिए दे दी अपनी फीस
विशाल इससे नाराज हो गए। उन्होंने किसी से भी संपर्क करना बंद कर दिया।
इसके बाद बेदी उनसे मिलने आए और उन्होंने बताया कि भोपाल में शूटिंग करने पर 60 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
उन्होंने बताया, "फिल्म के लिए मेरी फीस 30 लाख रुपये थी। मैंने कहा, मेरी फीस चाहिए, ले लो इसमें। तो उस फिल्म के लिए मुझे कोई फीस नहीं दी गई थी। आजतक मैंने उस फिल्म से कोई पैसा नहीं कमाया है।
फिल्म
इरफान के अभिनय से सजी है 'मकबूल'
'मकबूल' में इरफान खान के अभिनय को खूब सराहा गया था। फिल्म में उनके साथ तब्बू नजर आई थीं। उनके अलावा फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, पीयूष मिश्रा, पंकज कपूर जैसे कलाकार शामिल थे।
यह फिल्म विलियम शेक्सपीयर के उपन्यास मैकबेथ पर आधारित थी, जिसे विशाल ने मुंबई के अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि पर बनाया था।
इस फिल्म ने कई पुरस्कार अपने नाम किए थे। फिल्म अमेजन प्राइम वीडियो पर देखी जा सकती है।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
विशाल को 8 बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। बीते साल उन्हें डॉक्यूमेंट्री '1232 KMs' के गाने 'मरेंगे तो वहीं जा कर' के लिए और इससे पहले 'ओमकारा', 'हैदर', 'तलवार', 'गॉडमदर' और 'द ब्लू अम्ब्रेला' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।