विक्रम भट्ट का डरावना सच, बोले- हॉरर फिल्में अभिनेता नहीं, बल्कि खौफ को बेचती हैं
'राज' और '1920' जैसी कामयाब फिल्में बनाने वाले निर्देशक विक्रम भट्ट अपनी नई फिल्म 'हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट' की बॉक्स ऑफिस पर मिली कामयाबी से बेहद खुश हैं।
आलोचकों ने भले ही इस पर सवाल उठाए हों, लेकिन विक्रम मानते हैं कि दर्शक अच्छी डरावनी फिल्मों से खुद को दूर नहीं रख पाते।
उनके मुताबिक, लोग किसी अभिनेता के लिए नहीं, बल्कि डर महसूस करने के लिए सिनेमाघरों का रुख करते हैं। इस जोनर की यही खूबी है।
उनका कहना है कि हॉरर के शौकीन अभिनेताओं के नाम के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ रोमांच के लिए ही फिल्म देखने आते हैं।
विक्रम के जीवन की एक बड़ी मोड़ साबित हुई ये फिल्म
विक्रम ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव पर भी बात की। उन्होंने बताया कि कुछ मुश्किल भरे सालों के बाद कैसे '1920' उनके लिए एक बड़ा मोड़ साबित हुई।
उन्होंने अपनी फिल्म 'राज' और हॉलीवुड की 'ऑब्सेशन' के बीच भी कुछ मिलती जुलती चीजें बताईं, जिससे उनकी कहानी कहने की कला साफ दिखती है।
2000 की शुरुआत में भले ही उनके निजी जीवन पर मीडिया की खूब नजर रही हो, लेकिन विक्रम कहते हैं कि उनका मुख्य ध्यान हमेशा अच्छी कहानियां बनाने पर ही रहा है।