गाजा की 6 साल की बच्ची की सच्ची पुकार है 'द वॉयस ऑफ हिंद रजब', बिना कट के पर्दे पर आएगी
'द वॉयस ऑफ हिंद रजब' नाम की एक फिल्म अब भारत में रिलीज हो गई है। यह 6 साल की एक फिलिस्तीनी लड़की की असली कहानी पर आधारित है।
कुछ प्रमाणन संबंधी देरी के कारण इसकी रिलीज टल गई थी, पर अब यह सिनेमाघरों में पहुंच गई है। फिल्म में उस लड़की के असली इमरजेंसी कॉल को शामिल किया गया है।
यह फिल्म दिखाती है कि जनवरी 2024 में गाजा में रेड क्रिसेंट के कार्यकर्ता उसे कैसे बचाने की कोशिश कर रहे थे। काउदर बेन हनिया ने फिल्म का निर्देशन किया है, जिन्होंने इस सच्ची घटना को बेहद मार्मिक तरीके से पेश किया है।
बिना किसी कट के क्लियर हुई फिल्म
फिल्म को मार्च में रिलीज होना था, लेकिन इसके कंटेंट को लेकर कुछ दिक्कतें थीं। अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इसे बिना किसी कट के रिलीज की मंजूरी दे दी है।
अभी यह फिल्म देश भर के 100 से ज्यादा सिनेमाघरों में चल रही है। फिल्म को दर्शकों से शानदार रिव्यू मिल रहे हैं। फिल्म की तारीफ इसलिए हो रही है, क्योंकि यह युद्ध के मानवीय पक्ष को सामने लाती है और सेंसरशिप जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ती है।
इस फिल्म ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में सिल्वर लायन ग्रैंड जूरी प्राइज भी जीता है। फिल्म में साजा किलानी और मोताज मलहीस ने अहम किरदार निभाए हैं।