बुसान महोत्सव में होगा पंजाबी फिल्म का प्रीमियर, जाति-लिंग पर बनी ये पंजाबी फिल्म मचाएगी धूम
'बर्ड्स इन द डार्क' (हानरे दे पंची) एक पंजाबी फिल्म है, जो जाति, वर्ग, कामुकता और लिंग जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाती है।
इस अक्टूबर बुसान अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में इसका वर्ल्ड प्रीमियर होगा। यह फिल्म पंजाब में खेत मजदूरों के वास्तविक विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित है।
निर्देशक शशांक वालिया और निर्माता हंसल मेहता ने इन कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने के लिए मिलकर काम किया है।
अभिनेता-निर्माता ने फिल्म के लिए छोड़ दी नौकरी
अभिनेता-निर्माता मौली सिंह की मुलाकात फिल्मकार गुरविंदर सिंह के जरिए शशांक और रीमा से हुई थी। उन्हें फिल्म का हाशिए पर रहने वाले समुदायों और सशक्त महिला किरदारों पर ध्यान देना बहुत पसंद आया।
इसी वजह से उन्होंने अपनी नौकरी तक छोड़ दी। शुरुआती फुटेज देखकर हंसल मेहता ने आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही टीम को अपना सहयोग दिया।
बुसान में इस फिल्म का चुना जाना पंजाबी सिनेमा के लिए एक अहम पड़ाव है। यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसी कहानियों को पहचान दिला रहा है, जो वाकई मायने रखती है।