राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार ने 70 साल पुरानी रीत तोड़ी, दिल्ली छोड़ इस नए 'ठिकाने' पर सजा सितारों का मेला
मनोरंजन
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार इतिहास में सिर्फ दूसरी बार दिल्ली से बाहर आयोजित हुए हैं। इस बार यह समारोह गुजरात के एकता नगर में हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बिल्कुल नए आयोजन स्थल पर विजेताओं को सम्मान दिए। इसके साथ ही, 1954 से चली आ रही एक पुरानी परंपरा भी टूट गई।
इससे पहले, आखिरी बार ये पुरस्कार 1970 में दिल्ली से बाहर आयोजित किए गए थे।
सरकार ने पुरस्कारों को राजधानी से बाहर ले जाने का कदम उठाया
इस समारोह को दिल्ली से बाहर ले जाना सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को राजधानी से निकालकर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित किया जाएगा।
एकता नगर भी यूं ही नहीं चुना गया है। यह 597 फुट ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का घर है। दिलचस्प बात यह है कि इस साल आनंद एल राय के जिस काम को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन (नॉनफीचर) का अवार्ड मिला है, उसमें भी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दिखाई गई थी।