'नाजा' ने वेनिस में जीता बड़ा पुरस्कार, निर्माताओं की नागरिकता पर छिड़ा विवाद
यूवल अब्राहम और राचेल जोर की बनाई डॉक्यूमेंट्री 'नाजा' को 56 देशों के सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है। यह डॉक्यूमेंट्री इजरायल द्वारा गाजा में नागरिकों के बड़े पैमाने पर हुए नरसंहार पर आधारित है।
इस फिल्म ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में खूब हलचल मचाई। वहां इसे विशेष जूरी पुरस्कार मिला और 25 मिनट तक लोग खड़े होकर इसके लिए तालियां बजाते रहे।
'नाजा' पर नेतन्याहू का 'नागरिकता रद्द करो' का बयान
आगे चलकर, 'नाजा' को न्यूयॉर्क फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। पूरे अमेरिका में रिलीज होने के बाद, इसे द गार्जियन की वेबसाइट पर मुफ्त में स्ट्रीम किया जाएगा।
इस फिल्म ने इजरायल में भारी हंगामा खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने तो इसके निर्देशकों की नागरिकता रद्द करने तक की मांग कर दी है।
इसके बावजूद, इसे 1,500 से ज्यादा इजरायली फिल्म निर्माताओं, मानवाधिकार समूहों और केन लोच जैसे बड़े नामों का जबरदस्त समर्थन भी मिल रहा है।
विरोध और धमकियों के बाद भी, यूवल और जोर ने साफ कर दिया है कि वे अपने काम के साथ पूरी मज़बूती से खड़े हैं।