ऑस्कर पहुंची भारत की ये फिल्म, दोस्ती जिसने दुनिया को रुला दिया
एक सच्ची कहानी पर बनी भारतीय फिल्म ऑस्कर तक पहुंच गई है। यह फिल्म मुस्लिम शख्स मोहम्मद सयूब और उनके दलित हिंदू दोस्त अमृत कुमार की कहानी बताती है। कोरोना महामारी के शुरुआती मुश्किल दिनों में जब अमृत कुमार बीमार पड़ गए, तब सयूब ने उनका साथ नहीं छोड़ा। इस कहानी की चर्चा महामारी के दौरान ही काफी हो गई थी, लेकिन 'न्यू यॉर्क टाइम्स' के एक लेख ने इनकी पूरी दास्तान सुनाई, जिससे फिल्म बनाने की प्रेरणा मिली।
सयूब और कुमार के घर तक के सफर को दिखाती है फिल्म
फिल्म में सयूब और कुमार का लगभग 1,000 मील लंबा ट्रक का सफर दिखाया गया है, जिसमें वे घर लौट रहे थे। सफर के दौरान जब कुमार बीमार पड़ जाते हैं और उन्हें रास्ते में छोड़ देने के लिए कहा जाता है, तब सयूब उन्हें अकेला छोड़ने से बिल्कुल मना कर देते हैं। आम बॉलीवुड फिल्में अक्सर टकराव या देशभक्ति पर आधारित होती हैं, लेकिन यह फिल्म मजहब और समाज की सीमाओं से ऊपर उठकर एक सच्ची दोस्ती की मिसाल पेश करती है। यह दिखाती है कि मुश्किल हालातों में भी इंसानियत और हमदर्दी कैसे चमक सकती है।